रविवार, 19 जुलाई 2009

"गुरु-परम्परा"


महावातर बाबा (जिन्हें त्र्यम्बक बाबा और बाबाजी महाराज भी कहते हैं) की परम्परा। महावातर बाबा- लाहिडी महाशय- युक्तेश्वर गिरी- १। सत्यानन्द गिरी २। परमहंस योगानंद (जिनकी आत्मकथा "योगी कथामृत" / "Autobiography of a Yogi" एक विश्वप्रसिद्ध पुस्तक है)। सत्यानन्द गिरी के शिष्य थे पहाड़ी बाबा।

यहाँ आश्रम में वर्तमान में पहाड़ी बाबा के तीन शिष्य रहते हैं- निवारण बाबा, गंगा बाबा और कमल बाबा. 



निवारण बाबा (स्वामी निरजानन्द)  

गंगा बाबा


कमल बाबा
(अभी अक्तूबर 2010 में कमल बाबा ने देह त्यागा.) 


कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें